हकीक़त

ऐसा कोई ख्वाब नहीं है

कि वे मेरे हो जाएंगे

बस उनकी मुस्कान देख के

हम पूरे हो जाएंगे।


ऐसा कोई ख्वाब नहीं है

कि आंचल की उनके छांव मिले

उनके आने की खुशबू भर से

मेरे सूने मन में रंग घुले।


ऐसा कोई ख्वाब नहीं है

कि हाथों में उनका हाथ रहे

चार कदम बस साथ में उनके

चलकर मेरे गीत बने।







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